विंध्याचल
माँ विंध्यवासिनी की स्थली — उत्तर भारत के सर्वाधिक शक्तिशाली शक्तिपीठों में से एक।
जहाँ माँ दुर्गा शाश्वत रूप से विराजमान हैं
मिर्ज़ापुर के निकट गंगा तट पर बसा विंध्याचल माँ विंध्यवासिनी का निवास है। पड़ोसी काली खोह एवं अष्टभुजा मंदिरों के साथ यह एक प्रबल शक्ति परिपथ बनाता है जिसे भक्त एक ही तीर्थ यात्रा के रूप में करते हैं।
मंदिर पहाड़ी पर एवं उसके आसपास होने के कारण हम वाहन पहुँच की सावधानीपूर्वक योजना बनाते हैं और वरिष्ठ यात्रियों के लिए चढ़ाई को सहज बनाते हैं। त्रिकोण परिक्रमा उन यात्रियों के लिए विशेष आकर्षण है जो इसे पूर्ण करना चाहते हैं।
विंध्याचल किसी भी वाराणसी यात्रा का स्वाभाविक विस्तार है और चित्रकूट एवं प्रयागराज के साथ अच्छी तरह जुड़ता है।
मुख्य आकर्षण
विंध्यवासिनी देवी मंदिर
काली खोह गुफा मंदिर
अष्टभुजा मंदिर
त्रिकोण परिक्रमा
सीता कुंड
मिर्ज़ापुर में गंगा तट
पूर्ण यात्रा मार्गदर्शिका
यात्रा का उत्तम समय
अक्टूबर से मार्च। नवरात्रि (मार्च–अप्रैल एवं सितंबर–अक्टूबर) सर्वाधिक शुभ एवं व्यस्त समय है।
कैसे पहुँचें
सड़क मार्ग से वाराणसी से लगभग 75 किमी (करीब दो घंटे)। विंध्याचल का वाराणसी–प्रयागराज रेलमार्ग पर अपना स्टेशन है।
- निकटतम हवाई अड्डा: Lal Bahadur Shastri International Airport (VNS), Varanasi — 90 km
- निकटतम रेलवे स्टेशन: Vindhyachal Station (BDL), Mirzapur (MZP)