प्रयागराज
जहाँ गंगा, यमुना एवं पौराणिक सरस्वती मिलती हैं — भारत का पवित्रतम संगम।
पवित्र संगम नगरी
प्रयागराज — प्राचीन प्रयाग नगरी — त्रिवेणी संगम के चारों ओर बसी है, जहाँ तीन नदियाँ मिलती हैं। यहाँ स्नान को भक्त के सर्वाधिक पुण्यदायी कर्मों में गिना जाता है, और यह नगर शताब्दियों से कुंभ मेले का आयोजन स्थल रहा है।
हम वास्तविक संगम बिंदु तक निजी नौका, इच्छानुसार पुरोहित सहित अनुष्ठान सहायता, तथा बड़े हनुमान जी मंदिर, आनंद भवन एवं खुसरो बाग की यात्रा की व्यवस्था करते हैं।
प्रयागराज वाराणसी–प्रयागराज–अयोध्या त्रिकोण को पूर्ण करता है और चित्रकूट जाने वाले यात्रियों के लिए हमारा प्रवेश द्वार भी है।
मुख्य आकर्षण
त्रिवेणी संगम एवं स्नान
बड़े हनुमान जी मंदिर (शयन हनुमान)
आनंद भवन एवं स्वराज भवन
इलाहाबाद किला एवं पातालपुरी मंदिर
अक्षयवट — अमर वट वृक्ष
खुसरो बाग विरासत भ्रमण
पूर्ण यात्रा मार्गदर्शिका
यात्रा का उत्तम समय
अक्टूबर से मार्च। माघ मेला (जनवरी–फरवरी) एवं कुंभ वर्षों में विश्व की सर्वाधिक भीड़ होती है।
कैसे पहुँचें
एक्सप्रेसवे से वाराणसी से लगभग 120 किमी (करीब ढाई घंटे) तथा लखनऊ से 200 किमी। प्रमुख रेल जंक्शन, देश भर से सीधी ट्रेनें।
- निकटतम हवाई अड्डा: Prayagraj Airport (IXD), Bamrauli
- निकटतम रेलवे स्टेशन: Prayagraj Junction (PRYJ), Prayagraj Chheoki (PCOI), Prayagraj Rambag (PRRB)