+91 90449 60101 gm@kashiramyatours.com 24/7 ग्राहक सहायता

चित्रकूट

जहाँ भगवान राम ने वनवास के ग्यारह वर्ष बिताए, मंदाकिनी के तट पर।

Madhya Pradesh / Uttar Pradesh

दिव्य चमत्कारों की पहाड़ी

चित्रकूट — अनेक चमत्कारों की पहाड़ी — वह स्थान है जहाँ भगवान राम, सीता एवं लक्ष्मण ने वनवास के ग्यारह वर्ष बिताए। मंदाकिनी नदी, रामघाट, कामदगिरि पर्वत एवं भरत मिलाप मंदिर इसे बुंदेलखंड का सर्वाधिक सम्पूर्ण तीर्थ नगर बनाते हैं।

कामदगिरि परिक्रमा यहाँ की प्रमुख भक्ति क्रिया है और ध्यानपूर्ण गति से इसमें कुछ घंटे लगते हैं।

चित्रकूट मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश की सीमा पर फैला है और लंबी बुंदेलखंड यात्रा में प्रयागराज एवं मैहर के साथ अच्छी तरह जुड़ता है।

मुख्य आकर्षण

रामघाट एवं मंदाकिनी आरती

कामदगिरि परिक्रमा

भरत मिलाप मंदिर

गुप्त गोदावरी गुफाएँ

हनुमान धारा

सती अनुसूया आश्रम

पूर्ण यात्रा मार्गदर्शिका

यात्रा का उत्तम समय

अक्टूबर से मार्च। राम नवमी एवं दीपावली पर अधिक भीड़ रहती है; वर्षा ऋतु में मंदाकिनी भरी एवं सुंदर होती है।

कैसे पहुँचें

प्रयागराज होकर वाराणसी से लगभग 320 किमी (सड़क से करीब साढ़े छह घंटे)। चित्रकूट धाम स्टेशन झाँसी–प्रयागराज रेलमार्ग पर है।

  • निकटतम हवाई अड्डा: Khajuraho (HJR) — 175 km, Prayagraj (IXD) — 115 km
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: Chitrakoot Dham (Karwi) (CKTD); nearest major junction Satna (STA) — 75 km
व्हाट्सएप
अभी कॉल करें